Solutions OQ

1.  विलयन को परिभाषित कीजिए। कितने प्रकार के विभिन्न विलयन संभव हैं? प्रत्येक प्रकार के विलयन के संबंध में एक उदाहरण देकर संक्षेप में लिखिए।

2. एक ऐसे ठोस विलयन का उदाहरण दीजिए जिसमें विलेय कोई गैस हो।

3. निम्न पदों को परिभाषित कीजिए

(i) मोल-अंश  (ii) मोललता   (iii) मोलरता  (iv) द्रव्यमान प्रतिशत

4. प्रयोगशाला कार्य के लिए प्रयोग में लाया जाने वाला सांद्र नाइट्रिक अम्ल द्रव्यमान की दृष्टि से नाइट्रिक अम्ल का 68% जलीय विलयन है। यदि इस विलयन का घनत्व 1.504 g mL⁻¹ हो तो अम्ल के इस नमूने की मोलरता क्या होगी?

5. ग्लूकोस का एक जलीय विलयन 10% (w/w) है। विलयन की मोललता तथा विलयन में प्रत्येक घटक का मोल-अंश क्या है? यदि विलयन का घनत्व 1.2 g mL⁻¹ हो तो विलयन की मोलरता क्या होगी?

6. यदि 1 g मिश्रण में Na₂CO₃ एवं NaHCO₃ के मोलों की संख्या समान हो तो इस मिश्रण से पूर्णतः क्रिया करने के लिए 0.1 M HCl के कितने mL की आवश्यकता होगी?

7.द्रव्यमान की दृष्टि से 25% विलयन के 300 g एवं 40% के 400 g को आपस में मिलाने पर प्राप्त मिश्रण का  द्रव्यमान प्रतिशत सांद्रण निकालिए।

8.  222.6 g एथिलीन ग्लाइकॉल, C₂H₄(OH)₂ तथा 200 g जल को मिलाकर प्रतिहिम मिश्रण बनाया गया। विलयन की मोललता की गणना कीजिए। यदि विलयन का घनत्व 1.072 g mL⁻¹ हो तो विलयन की मोलरता निकालिए।

9.  एक पेय जल का नमूना क्लोरोफॉर्म (CHCl₃) से, कैंसरजन्य समझे जाने की सीमा तक बहुत अधिक संदूषित है। इसमें संदूषण की सीमा 15 ppm (द्रव्यमान में) है–

(i) इसे द्रव्यमान प्रतिशत में व्यक्त कीजिए।

(ii) जल के नमूने में क्लोरोफॉर्म की मोललता ज्ञात कीजिए।

10. ऐल्कोहॉल एवं जल के एक विलयन में आण्विक अन्योन्यक्रिया की क्या भूमिका है?

11. ताप बढ़ाने पर गैसों की द्रवों में विलेयता में, हमेशा कमी आने की प्रवृत्ति क्यों होती है?

12. हेनरी का नियम तथा इसके कुछ महत्वपूर्ण अनुप्रयोग लिखिए।

13.   6.56 × 10⁻³ g एथेन युक्त एक संतृप्त विलयन में एथेन का आंशिक दाब 1 bar है। यदि विलयन में 5.00 × 10⁻² g एथेन हो तो गैस का आंशिक दाब क्या होगा?

14. राउल्ट के नियम से धनात्मक एवं ऋणात्मक विचलन का क्या अर्थ है तथा मिश्रणH के चिन्ह का इन विचलनों से कैसे संबंधित है?

15.  विलायक के सामान्य क्वथनांक पर एक अवाष्पशील विलेय का 2% जलीय विलयन का 1.004 bar वाष्प दाब है। विलेय का मोलर द्रव्यमान क्या है?

16.  हेप्टेन एवं ऑक्टेन एक आदर्श विलयन बनाते हैं। 373 K पर दोनों द्रव घटकों के वाष्प दाब क्रमशः 105.2 kPa तथा 46.8 kPa हैं। 26.0 g हेप्टेन एवं 35.0 g ऑक्टेन के मिश्रण का वाष्प दाब क्या होगा?

17.  300 K पर जल का वाष्प दाब 12.3 kPa है। इसमें बने अवाष्पशील विलेय के एक मोलल विलयन का वाष्प दाब ज्ञात कीजिए।

18.   114 g ऑक्टेन  में किसी अवाष्पशील विलेय (मोलर द्रव्यमान 40 g mol⁻¹) की कितनी मात्रा घोली जाए कि ऑक्टेन का वाष्प दाब घट कर मूल का 80% रह जाए।

19.  एक विलयन जिसे एक अवाष्पशील ठोस के 30 g को 90 g जल में विलीन करके बनाया गया है। उसका 298 K पर वाष्प दाब 2.8 kPa है। विलयन में 18 g जल और मिलाया जाता है जिससे नया वाष्प दाब 298 K पर 2.9 kPa हो जाता है। निम्नलिखित की गणना कीजिए।

(i) विलेय का मोलर द्रव्यमान (ii) 298 K पर जल का वाष्प दाब।

20.  शक्कर के 5% (द्रव्यमान) जलीय विलयन का हिमांक 271 K है। यदि शुद्ध जल का हिमांक 273.15 K है तो ग्लूकोस के 5% जलीय विलयन के हिमांक की गणना कीजिए।

21.  दो तत्व A एवं B मिलकर AB₂ एवं AB₄ सूत्र वाले दो यौगिक बनाते हैं। 20 g बेन्जीन में घोलने पर 1 g AB₂ हिमांक को 2.3 K अवनमित करता है। जबकि 1.0 g AB₄ से 1.3 K का अवनमन होता है। बेन्जीन के लिए मोलर अवनमन स्थिरांक 5.1 K kg mol⁻¹ है। A एवं B के परमाणवीय द्रव्यमान की गणना कीजिए।

22.   300 K पर 36 g प्रति लीटर सांद्रता वाले ग्लूकोस के विलयन का परासरण दाब 4.98 bar है। यदि इसी ताप पर विलयन का परासरण दाब 1.52 bar हो तो उसकी सांद्रता क्या होगी?

23.  निम्नलिखित युग्मों में उपस्थित सबसे महत्वपूर्ण अंतरआण्विक आकर्षण बलों का सुझाव दीजिए।

(i) n-हेक्सेन व n-ऑक्टेन

(ii) I₂ तथा CCl₄

(iii) NaClO₄ तथा H₂O

(iv) मेथेनॉल तथा ऐसीटोन 

(v) ऐसीटोनाइट्राइल (CH₃CN) तथा ऐसीटोन (C₃H₆O)

24.  विलेय-विलायक आकर्षण के आधार पर निम्नलिखित को n-ऑक्टेन की विलेयता के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए– KCl, CH₃OH, CH₃CN, साइक्लोहेक्सेन।

25.  पहचानिए कि निम्नलिखित यौगिकों में से कौन से जल में अत्यधिक विलेय, आंशिक रूप से विलेय तथा अविलेय हैं।

(i) फ़ीनॉल   (ii) टॉलूईन   (iii) फार्मिक अम्ल   (iv) एथिलीन ग्लाइकॉल  (v) क्लोरोफॉर्म   (vi) पेन्टेनॉल

26.   यदि किसी झील के जल का घनत्व 1.25 g mL⁻¹ है तथा उसमें 92 g Na⁺ आयन प्रति किलो जल में उपस्थित हैं। तो झील में Na⁺ आयन की मोललता ज्ञात कीजिए।

27.  अगर CuS का विलेयता गुणनफल 6 × 10⁻¹⁶ है तो जलीय विलयन में उसकी अधिकतम मोलरता ज्ञात कीजिए।

28.  जब 6.5 g, ऐस्पिरीन (C₉H₈O₄) को 450 g ऐसिटोनाइट्राइल (CH₃CN) में घोला जाए तो ऐस्पिरीन का ऐसीटोनाइट्राइल में भार प्रतिशत ज्ञात कीजिए।

29.  नैलॉर्फ़ीन (C₁₉H₂₁NO₃) जो कि मॉर्फीन जैसी होती है, का उपयोग स्वापक उपभोक्ताओं द्वारा स्वापक छोड़ने से उत्पन्न लक्षणों को दूर करने में किया जाता है। सामान्यतया नैलॉर्फ़ीन की 1.5 mg खुराक दी जाती है। उपरोक्त खुराक के लिए 1.5 × 10⁻³ m जलीय विलयन का कितना द्रव्यमान आवश्यक होगा?

30.  बेन्ज़ोइक अम्ल का मेथेनॉल में 0.15 m विलयन बनाने के लिए आवश्यक मात्रा की गणना कीजिए।

31. ऐसीटिक अम्ल, ट्राइक्लोरोएसीटिक अम्ल एवं ट्राइफ्लुओरो एसीटिक अम्ल की समान मात्रा से जल के हिमांक में अवनमन इनके उपरोक्त दिए गए क्रम में बढ़ता है। संक्षेप में समझाइए।

32.  CH₃-CH₂-CHCl-COOH के 10 g को 250 g जल में मिलाने से होने वाले हिमांक का अवनमन परिकलित कीजिए। (Ka = 1.4 × 10⁻³Kf = 1.86 K kg mol⁻¹)

33.  CH₂FCOOH के 19.5 g को 500 g H₂O में घोलने पर जल के हिमांक में 1.0⁰C का अवनमन देखा गया। फ्लुओरोएसीटिक अम्ल का वान्ट हॉफ गुणक तथा वियोजन स्थिरांक परिकलित कीजिए।

34. 293 K पर जल का वाष्प दाब 17.535 mm Hg है। यदि 25 g ग्लूकोस को 450 g जल में घोलें तो 293 K पर जल का वाष्प दाब परिकलित कीजिए।

35.  298 K पर मेथेन की बेन्जीन पर मोललता का हेनरी स्थिरांक 4.27 x 105 mm Hg है। 298 K तथा 760 mm Hg दाब पर मेथेन की बेन्जीन में विलेयता परिकलित कीजिए।

36. 100 g द्रव A (मोलर द्रव्यमान 140 g mol⁻¹) को 1000 g द्रव B (मोलर द्रव्यमान 180 g mol⁻¹) में घोला गया। शुद्ध द्रव B का वाष्प दाब 500 Torr पाया गया। शुद्ध द्रव A का वाष्प दाब तथा विलयन में उसका वाष्प दाब परिकलित कीजिए यदि विलयन का कुल वाष्प दाब 475 Torr हो।

37.  328 K पर शुद्ध ऐसीटोन एवं क्लोरोफॉर्म के वाष्प दाब क्रमशः 741.8 mm Hg तथा 632.8 mm Hg हैं। यह मानते हुए कि संघटन के सम्पूर्ण परास में ये आदर्श विलयन बनाते हैं, pकुल, pक्लोरोफार्म, तथा pऐसीटोन को xऐसीटोन के फलन के रूप में आलेखित कीजिए। मिश्रण के विभिन्न संघटनों के प्रेक्षित प्रायोगिक आंकड़े निम्नलिखित हैं।

100 x (Xऐसीटोन)                0     11.8     23.4      36.0      50.8      58.2     64.5      72.1

Pऐसीटोन /mmHg                 0    54.9    110.1    202.4    322.7    405.9    454.1    521.1

pक्लोरोफॉर्मZ /mmHg    632.8  548.1  469.4   359.7    257.7    193.6    161.2     120.7

उपरोक्त आंकड़ों को भी उसी ग्राफ में आलेखित कीजिए और इंगित कीजिए कि क्या इसमें आदर्श विलयन से धनात्मक अथवा ऋणात्मक विचलन है?

38.   संघटनों के संपूर्ण परास में बेन्जीन तथा टॉलूईन आदर्श विलयन बनाते हैं। 300 K पर शुद्ध बेन्जीन तथा टॉलूईन का वाष्प दाब क्रमशः 50.71 mm Hg तथा 32.06 mm Hg है। यदि 80 g बेन्जीन को 100 g टॉलूईन में मिलाया जाये तो वाष्प अवस्था में उपस्थित बेन्जीन के मोल-अंश परिकलित कीजिए।

39. वायु अनेक गैसों की मिश्रण है। 298 K पर आयतन में मुख्य घटक ऑक्सीजन और नाइट्रोजन लगभग 20% एवं 79% के अनुपात में हैं। 10 वायुमंडल दाब पर जल वायु के साथ साम्य में है। 298 K पर यदि ऑक्सीजन तथा नाइट्रोजन के हेनरी स्थिरांक क्रमशः 3.30 × 107 mm तथा 6.51 × 107 mm है, तो जल में इन गैसों का संघटन ज्ञात कीजिए।

40. यदि जल का परासरण दाब 27ºC पर 0.75 वायुमंडल हो तो 2.5 लीटर जल में घुले CaCl₂ (i = 2.47) की मात्रा परिकलित कीजिए।  

41. 2 लीटर जल में 25⁰C पर K₂SO₄ के 25 mg, को घोलने पर बनने वाले विलयन का परासरण दाब, यह मानते हुए ज्ञात कीजिए कि K₂SO₄ पूर्णतः वियोजित हो गया है।

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