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coordination oq

  1.  वर्नर की अभिधारणाओं के  आधार पर उपसहसंयोजन यौगिकों में  आबंधन को समझाइए। 2.   FeSO 4  विलयन तथा ( NH 4 ) 2 SO 4  विलयन का  1 :   1  मोलर अनुपात में मिश्रण  Fe 2+  आयन का परीक्षण देता है परंतु  CuSO 4  व  जलीय अमोनिया का  1 : 4  मोलर अनुपात में मिश्रण  Cu 2+  आयनो का परीक्षण नहीं देता।  समझाइए क्यों? 3.  प्रत्येक के दो  उदाहरण देते हुए निम्नलिखित को समझाइ ए– समन्वय समूह, लिगन्ड, उपसहसंयोजन  संख्या, उपसहसंयोजन बहुफलक, होमोलेप्टिक तथा हेट्रोरोलेप्टिक। 4.  एकदंतुर, द्विदंतुर तथा  उभयदंतुर लिगन्ड से क्या तात्पर्य  है? प्रत्येक के दो उदाहरण  दीजिए। 5.  निम्नलिखित उपसहसंयोजन  सत्ता में धातुओं के अॉक्सीकरण अंक  का उल्लेख कीजिए– ( i )  [Co ( H 2 O )( CN )( en ) 2 ] 2+          ( iii )  [PtCl 4 ] 2–           ( v )  [Cr ( NH 3 ) 3 Cl 3 ] ( ii )  [CoBr 2 ( en ) 2 ] +   ...

d and f block eq

  8.1  निम्नलिखित के इलेक्ट्रॉ निक विन्यास लिखिए– ( i )  Cr ³⁺  ( iii )  Cu ⁺  ( v )  Co ²⁺  ( vii )  Mn ²⁺ ( ii )  Pm ³⁺  ( iv )  Ce ⁴⁺  ( vi )  Lu ²⁺  ( viii )  Th ⁴⁺         ऑक्सीकारक    ऑक्सो 8.2   +3  ऑक्सीकरण अवस्था में  ऑक्सीकृत  होने के संदर्भ में  Mn 2+  के यौगिक  Fe 2+  के यौगिकों की तुलना में अधिक स्थायी क्यों हैं? 8.3  संक्षेप में स्पष्ट कीजिए कि  प्रथम संक्रमण श्रेणी के  प्रथम अर्धभाग में बढ़ते हुए प रमाणु क्रमांक के साथ  +2  ऑक्सीकरण अवस्था कैसे अधिक स्थायी  होती जाती है? 8.4  प्रथम संक्रमण श्रेणी  के तत्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन् यास किस सीमा तक ऑक्सीकरण अवस्थाओं  को निर्धारित करते हैं? उत्त र को उदाहरण देते हुए स्पष्ट  कीजिए। 8.5  संक्रमण तत्वों की मूल अवस्था में नीचे दिए  गए  d  इलेक्ट्रॉनिक विन्यासों में कौ न-सी ऑक्सीकरण अवस्था स्थ...